October 18, 2017

“किन बातो मे छुपी है पूरी जिंदगी ?”

एक इंसान पूरी जिंदगी यही ढूंढता रहता है कि  इस दुनिया मे खुशी कहा है ?दुनिया के किस कोने मे जाकर वह सारी खुशिया पा सकता है ? ओर इन्ही सवालो के जवाब तलाशते -तलाशते वह एक दिन  इस दुनिया को अलविदा कह जाता है लेकिन वह यह भूल जाता है कि जिस सुख की तलाश वह बाहरी दुनिया मे कर रहा था वह वास्तव मे उसके अन्दर ही था  परन्तु अफसोस की वह उसे पहचान नही पाता ओर इस बनावटी दुनिया मे सच्चा सुख ढूंढता रहता है।कहते है जीवन का आधार प्रेम होता है ,हम प्रेम पाना तो चाहते है पर देना नही चाहते।देते राई भर है ओर पाना झोली भर चाहते है।हमे लेना ही याद रहता है देते समय हम भूल जाते है,ओर यही हमारा हिसाब गड़बड़ा जाता है !हम जिन्दगी मे  जैसा बीज बोएगे फल भी वैसा ही मिलेगा।

ओशो कहते है -“प्रेम लौटता ही है, हजार गुणा होकर लौटता है। जिसको दिया है, वहा से नही तो कही ओर से मिलता है। अगर प्रेम नही मिल रहा है तो साफ है कि दिया ही नही है।” तो आज से जीवन मे प्यार पाने से ज्यादा देने का प्रयास करे ऐसा करने के बाद जो आपको आत्मिक शांति का अनुभव होगा उसको शब्दो मे बयां करना नामुमकिन है।जिन्दगी मे रिश्ते बनाए तो सच्चे दिल से बनाए।अगर आपने अपना दिल किसी रिश्ते के लिए खोल दिया है तो फिर सामने वाले की प्रतिक्रिया क्या होगी इस ड़र को जड़ से खत्म कर दे।जरूरी नही कि सामने वाला आपकी अपेक्षाओ  पर हमेशा खरा उतरे,पर आप अपनी ओर से कटौती न करे।जिन्दगी की मायूसियों को खुशी खुशी सहना सीखे।योद्धा अपनी जिंदगी मे इसी तरह आगे बढते है।

आज की इस भागदौड़ भरी जिन्दगी मे हर कोई मुस्कुराने के दो पल तलाश करता है लेकिन आज हमने अपने आपको व्यर्थ की चिन्ताओ मे इतना उलझा लिया है कि हम जिन्दगी को ठीक ढंग से नही जी पा रहे है ।आज से हमे बन्द करना होगा हर बात पर जरूरत से ज्यादा सोचना इससे कुछ होता भी नही है । अनूठे अनुभवो से गुजरना चाहते है तो जिन्दगी को आज मे जिए ,जितनी आसानी से हम दूसरे को ज्ञान देने लगते है उतनी कोशिश उन्हे हसाने की नही करते ।कहा गया है “हंसमुख व्यक्ति वह फुहार है ,जिसके छींटें सबके मन को ठंड़ा करते है”।तो आज से खुद भी खुश रहे ओर दूसरो को भी खुश रखे।

बीते कल मे बहुत कुछ ऐसा होता है, जो हमे अपनी गलतियो का एहसास कराता है। हम जिन्दगी मे बहुत कुछ ऐसा कर जाते है जो हमे नही करना चाहिए था।बहुत कुछ ऐसा कहते है जो नही कहना चाहिए था ।फिर हम जितना सोचते है उतना ही खुद से घृणा करते है।मार्टिन लूथर किंग कहते है “अंधेरे को दूर करने के लिए रोशनी की जरूरत होती है।ओर घृणा को दूर करने के लिए प्रेम की।आपकी जिन्दगी मे यह जरूरी नही कि बाहर वाले आपको कितना सम्मान देते है बल्कि यह जरूरी है कि खुद की नजरो मे आपकी क्या अहमियत है ? सफल जिन्दगी जीने के लिए आपको खुद का सम्मान करना सिखना होगा।ढेर सारे लक्ष्यो पर अपनी ऊर्जा खपाने से बेहतर है कि ऐसी प्राथमिकताएं तय की जाए जो जिंदगी की सबसे ऊंची महत्वाकांक्षा को पूरा करने मे आपकी मदद कर सके।कुछ खास पाने की आग आपके भीतर जितनी तेज होगी उतनी शीघ्रता से आप अपने लक्ष्य को पा सकते है।

जिस प्रकार एक मा बाप के चार बच्चे अगर आपस मे झगड़ा करे तो मा बाप के दिल को बहुत ठेस पहुंचती है वही दूसरी ओर यदि वह प्यार से रहते है तो मा बाप के दिल से दुआऐ निकलती है । तो हम सब भी इस धरती पर उस परमात्मा के बच्चे ही तो है अगर हम भी एक दूसरे की मदद ना करे तो उस भगवान् के दिल को भी ठेस पहुंचती है । यहा यह मायने नही रखता कि हम कमाते कितना है उससे ज्यादा महत्वपूर्ण बात यह है कि हम समाज के लिए कितने मददगार साबित हुए। अमूमन हम सब सफलता की राह मे आगे बढते हुए मानवता से हाथ मिलाकर रखना भूल जाते है।जिन्दगी मे आगे बढने के लिए यह गलती करने से बचे।हमेशा दूसरो मे अपना आदर्श क्यो तलाशना? जिन्दगी मे आपके पास ढेरो मौके ऐसे आते है जब आप लोगो को यह बता सकते है कि सही ओर अपनी शर्तो पर जिन्दगी कैसे बितायी जा सकती है ?

हर दिन अपना सोै प्रतिशत दे ! कुछ ऐसी बातो को अपना आधार बनाए, जो आपको जिन्दगी ओर सफलता दोनो के करीब ले जाए ! महान लोग ऐसा ही तो करते है।

About Sameer Chaudhary 12 Articles
MBA in HR. I worked for 3 yrs in financial Industry and finally decided to follow my dream which is writing. My passion is writing, exploring the world and to get different experiences by meeting people. My philosophy about life is that " You are the only master of life. So you decide what you want to do don't compel other to decide." Life is to live.....