August 23, 2017

क्यो सुलग रहा है उत्तर प्रदेश ?

“मंजिल उन्ही को मिलती है, जिनके सपनो में जान होती है, पंखो  से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है” इन्ही पंक्तियो को चरितार्थ करते हुए आज से तीन वर्ष पूर्व एक शख्स इस हिन्दुस्तान का बादशाह बन बैठा था क्योकि उसे मालूम था कि उड़ने के लिए पंखो की नही होसलो की जरूरत होगी, उस शख्सियत का नाम था नरेंद्र दामोदरदास मोदी, नरेंद्र मोदी को यह मालूम था कि अगर इस दुनिया मे बुलंदियो के शिखर पर पहुंचना है तो कुछ अलग करना होगा, अभी 26 मई 2017 को नरेंद्र मोदी जी की सरकार ने तीन साल पूरे किए,  सत्ताधारी पार्टी के लोग इन तीन सालो का खूब जोरदार तरीके से जश्न मना रहे है तो विपक्षी  पार्टीया इसे कसौटी पर परख रही है, सरकार के कामकाज पर लोगो की राय जुदा हो सकती है परन्तु इसमे कोई दो राय नही कि इन तीन सालो मे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद को करिश्माई नेता साबित करने मे कोई कसर नही छोड़ी है।

ओर उस करिश्मे का असर काफी हद तक हमे अभी पाच राज्यो मे सम्पन्न हुए विधानसभा चुनावो मे देखने को मिला जिसमे हिन्दुस्तान का सबसे बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश भी शामिल था ओर इन चुनावो मे कुछ  ऐसा हुआ जिसकी शायद हिन्दुस्तान ने कल्पना भी नही की थी ! पहली बार किसी राजनीतिक पार्टी को इस देश की जनता ने दिल खोलकर समर्थन दिया ओर उत्तराखंड ,उत्तर प्रदेश समेत पांच मे से चार राज्यो मे भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया!8 नवम्बर 2016 को प्रधानमंत्री ने नोटबन्दी का ऐलान किया जिसके बाद वह सीधे तौर पर विपक्ष के निशाने पर थे ओर विपक्ष आने वाले विधानसभा चुनाव मे इसी मुद्दे को लेकर भाजपा ओर प्रधानमंत्री को घेरने की तैयारी मे था परन्तु 11 मार्च को चुनावो के परिणाम आने के बाद यह साबित हो गया कि देश की जनता हर परिस्थिति मे प्रधानमंत्री जी के साथ है।

भाजपा को भी कही न कही इन चुनावो मे जीत की दरकार थी क्योंकि लोकसभा मे पूर्ण बहुमत होने के बावजूद राज्यसभा मे सदस्यो की संख्या कम है  जिसका खामियाजा भाजपा को उस समय भुगतना पड़ता है जब वह लोकसभा मे तो कानून पारित करवा लेती है परन्तु उसे राज्यसभा मे कठिनाइयो का सामना करना पड़ता है , अभी 25 जून को राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का कार्यकाल खत्म हो रहा है उसके बाद कभी भी देश मे राष्ट्रपति चुनाव होगे ओर भाजपा प्रणव मुखर्जी को राष्ट्रपति की कुर्सी पर दोबारा बिठाने के कतई मूड मे नही है कौन होगा राष्ट्रपति इस सवाल का जवाब मिलने मे तो अभी समय है क्योंकि मोदी जी की छवि राजनीति के खेल मे एक ऐसे खिलाड़ी की है जो पहले सामने वाले को खेलने का भरपूर मौका देते है ओर फिर अपनी एक ही बाजी से खेल का रूख अपनी तरफ मोड़ लेते है !

लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती समेत भाजपा के 12 वरिष्ठ सदस्यो पर 1992 के बाबरी मस्जिद विध्वंस केस मे आरोप साबित हो चुके है सत्ताधारी दल के सदस्य होने के बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने कोई कोताही नही बरती बहरहाल ,एक देश मे कानून व्यवस्था का मजबूत होना बहुत आवश्यक होता है बाबरी मस्जिद,निर्भया रेप केस ओर भी कई ऐसे मामले देश मे हुए जहा सुप्रीम कोर्ट ने अपना किरदार बखूबी निभाया ओर देश की जनता के सामने उम्मीद से बेहतर परिणाम दिए।

उत्तर प्रदेश भारत का जनसंख्या के आधार पर सबसे बड़ा राज्य है , इस प्रदेश का  इतिहास लगभग 4000 वर्ष पुराना है ओर वैदिक सभ्यता का जन्म भी इसी प्रदेश मे हुआ था परन्तु आज उत्तर प्रदेश अपराध का गढ बन चुका है क्यो देश की सबसे मजबूत कानून व्यवस्था उत्तर प्रदेश मे अपराधियो के सामने बेबस नजर आती है अभी तक जितनी भी सरकार यूपी मे बनी फिर वह चाहे मुलायम की हो या मायावती की सभी ने अपराध ओर अपराधियो को सरंक्षण देकर बढावा ही दिया कभी उन्हे खत्म करने के लिए कोई ठोस कदम नही उठाए परन्तु जब 2017 मे उत्तर प्रदेश की कमान गोरखपुर से सांसद योगी आदित्यनाथ के हाथो मे गई तो प्रदेश की जनता को एक उम्मीद बंधी की अब गोरखपुर की तरह पूरे उत्तर प्रदेश मे से अपराधियो का सफाया होगा ओर प्रदेश मे  विकास की नदिया बहेगी।

सत्तासीन होते ही योगी जी ने एन्टी रोमियो स्क्वाइड़, किसानो का कर्ज माफ जैसे महत्वपूर्ण फैसले लागू कर अपने इरादे जाहिर कर दिए, आज  यूपी में योगीराज आए पूरे दो महीने हो गए है, 19 मार्च को योगी जी ने मुख्यमंत्री पद की  शपथ ली थी परन्तु इन दो महीनो मे कुछ ऐसा हुआ जिसके बाद योगी जी की योग्यता पर सवाल उठने लगे, पहले सहारनपुर मे दलितो ओर ठाकुरो के बीच बवाल इतना बढा ओर बढते -बढते इस बवाल ने इतना विकराल रूप ले लिया जिसके बाद पूरा सहारनपुर इसकी आग मे सुलग उठा! सहारनपुर की आग अभी ठंडी भी नही हुई थी कि नोएडा के पास जेवर मे एक परिवार को बदमाशो ने बन्दूक की नोक पर पहले लूटा फिर उसी परिवार की चार महिलाओ के साथ सामूहिक बलात्कार किया ओर अभी हाल फिलहाल मे इलाहाबाद के एक सरकारी ठेकेदार ओर उसकी पत्नी पर रात को 12 बजे अज्ञात बदमाशो ने अन्धा धुन्ध फायरिंग की जिसमे पति की मौके पर ही मौत हो गई और पत्नी गंभीर रूप से घायल है।

यहा जो बात हैरान करने वाली हैं वह यह कि जिस जगह यह सब हो रहा था वहा से पुलिस हेडक्वार्टर मात्र 100 मीटर की दूरी पर भी नही था ! प्रदेश मे आज जो हालात है उसका जिम्मेदार काफी हद तक विपक्ष भी है । रामपुर कांड़ मे मुलायम के सिपहसालार आजम खान द्वारा जो किया गया वह शायद किसी से छुपा नही है मुलायम ओर मायावती द्वारा  विशेष जाति वर्ग के विकास के लिए कार्य कही न कही उत्तर प्रदेश की जड़ो को कमजोर करता गया, आज भी सरकार प्रदेश मे भाजपा की हो परन्तु अधिकारी अभी भी अखिलेश ओर मायावती के इशारो पर काम कर रहे है,  योगी जी को इन सभी  घटनाक्रमो से  यह समझना होगा कि प्रदेश मे बढते अपराध की रोकथाम ओर लचर कानून व्यवस्था को दुरुस्त करना, अपराधियो के पीछे मास्टरमाइंड इन पूर्व मुख्यमंत्री और इनके चमचो को काबू मे करना सबसे बड़ी चुनौती है, तभी योगी जी का अपराध मुक्त यूपी का ओर मोदी जी का भारत को विश्व गुरु बनाने का सपना पूरा होगा।

Picture Credit: India TV


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About Sameer Chaudhary 10 Articles
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