December 12, 2017

नवाज शरीफ -आतंकवाद का पोस्टर बाय

“आतंकवाद” एक ऐसी अंतराष्ट्रीय बीमारी है जो आज पूरे विश्व के लिए एक समस्या बन चुकी है पहले तो कुछ गिने-चुने देश ही इसकी चपेट मे थे परन्तु आज पूरा विश्व आतंकवाद की मार झेल रहा है ! यह आज अन्दर ही अन्दर पूरी मानव जाति को खोखला कर रहा है , परन्तु यदि आप यह सोच रहे है कि किसी भी देश मे आतंकी गतिविधियो को अंजाम देने के लिए केवल कुछ आतंकवादी ही जिम्मेदार है तो आप सरासर गलत है क्योंकि इन बाहरी ताकतो को देश के अन्दर घुसाने मे  उस देश के लोग भी काफी हद तक जिम्मेदार होते है ऐसी स्थिति मे मुझे आमिर खान साहब की 1998 मे आयी सरफरोश फिल्म का ड़ायलाग याद आता है कि “हिन्दुस्तान मे जो लोग वहा की हुकूमत से खुश नही है तो ऐसे लोगो की तलाश करो ओर उन्हे मुफ्त मे ढेर सारा पैसा ओर हथियार सप्लाई करो फिर जब उन्हे इसकी आदत पड़ जाएगी तो हम फिर अपनी मर्जी से उनसे काम करवाएंगे “

यहा एक छोटा सा उदाहरण देकर अपनी बात ओर स्पष्ट करूंगा कि एक परिवार के सदस्यो मे चाहे कितनी भी लड़ाई झगड़ा हो परन्तु जब तक परिवार का कोई सदस्य उसे बाहरी लोगो को  नही बताएगा तब तक आस पास देखने वालो को यही लगेगा कि सब ठीक है परन्तु जैसे ही घर से बाहर बात गई तो बाहरी लोग उस परिवार मे फूट ड़ालने का हर संभव प्रयास करते है  कहावत है कि “बन्द मुठ्ठी लाख की,खुल गई तो खाक की “ इसी प्रकार से एक देश के लोग जब तक प्रेम ओर सौहार्द्र से देश के अन्दर रहेगे तब तक कोई बाहरी मुल्क उस देश की शांति को भंग नही कर सकता ! आज जो देश आतंकवाद से त्रस्त है उनमे सबसे ऊपर भारत देश का नाम आता है क्योंकि विपक्ष  के नेता सत्ताधारी पार्टी को बदनाम करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते  है अभी तीन साल पहले 2014 मे लोकसभा चुनाव हुए हुकूमत बदली ओर नरेंद्र मोदी जी प्रधानमंत्री बने लेकिन पिछले दस साल से देश मे राज कर रही कांग्रेस पार्टी को यह नागवार गुजरा ओर वह प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी को देश के अन्दर बदनाम करने की हर संभव कोशिश करने लगी ।

इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर अलगाववादी नेताओ के साथ एक सेमिनार मे शामिल हुए जहा उन्होंने अलगाववादी नेताओ द्बारा की गई मेहमाननवाजी का भरपूर लुत्फ उठाया ओर जहां उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी जी का जिक्र करते हुए कहा कि “सरदार पटेल लोह पुरुष थे तो मोदी लहु पुरूष है” ओर इन सबके बीच अय्यर साहब यह भी भूल गए कि यह  वही अलगाववादी है जिन्होंने चन्द रूपयो के लिए अपना इमान पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को बेच दिया आज मणिशंकर अय्यर भी उन्ही राष्ट्रविरोधी लोगो की गिनती मे आ गए है जो रहते हिन्दुस्तान मे है लेकिन नारा पाकिस्तान जिन्दाबाद का लगाते है अगर विपक्ष के कुछ नेता प्रधानमंत्री जी से खुश नही है तो क्या वह इस प्रकार से देश का  सम्मान आतंकवादियो के पास दावं पर लगाएंगे इस कदम के बाद मणिशंकर अय्यर ने अपने ओर कांग्रेस पार्टी के आने वाले भविष्य पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया  है।

पूरा विश्व यह जानता है कि पाकिस्तान आतंकवाद का आका है, पाकिस्तान की मदद से आतंकवादी अपने  नापाक इरादो को अंजाम देते है ,भारत के हिस्से से निकला पाकिस्तान आज भारत का सबसे बड़ा दुश्मन है आए दिन हम भारत पाकिस्तान बोर्डर पर कुछ न कुछ अप्रिय घटना सुनते ही रहते है परन्तु क्या केवल कश्मीर ही इस दुश्मनी की वजह है इन सभी सवालो के जवाब जानने के लिए हमे इतिहास के उसी काले अध्याय पर जाना होगा।

15 अगस्‍त 1947 को एशिया का उपमहाद्वीप कहलाने वाला भारत, ब्रिटिश हुकुमत से आजाद तो हो गया था लेकिन द्विराष्‍ट्र के सिद्धांत पर। अंग्रेजों ने भारत को आजादी इसी शर्त पर दी थी कि अखंड भारत खंडित होगा। हिंदुस्‍तान और पाकिस्‍तान के रूप में। भारत का विभाजन माउंटबेटन योजना, भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 के आधार पर किया गया।बहरहाल, अंग्रेजों और लॉर्ड माउंटबेटन के लिए भारत और पाकिस्‍तान नक्‍शे पर महज एक लकीर के जरिये अलग हो गया, लेकिन जमीन पर विभाजन की यह रेखा पूरी मानवजाति के इतिहास की एक ऐसी भयावह,अमानवीय, क्रूर और जघन्‍य घटना थी कि पूरे विश्‍व की मानवता शर्मसार हो गई।

दरअसल, भारत और पाकिस्‍तान का बंटवारा महज 50 से 60 दिनों के भीतर लाखों लोगों का विस्‍थापन था, जो विश्‍व में कहीं नहीं हुआ था। 10 किलोमीटर लंबी लाइन में लाखों लोग देशों की सीमा को पार हुए। महज कुछ ही समय में एक स्‍थान पर सालों से रहने वाले को अपना घर बार, जमीन, दुकानें, जायदाद, संपत्‍ति, खेती किसानी छोडकर हिंदुस्‍तान से पाकिस्‍तान और पाकिस्‍तान से हिंदुस्‍तान आना पड़ा था।आपको जानकार आश्‍चर्य होगा कि मनुष्‍य जाति के इतिहास में इतनी ज्‍यादा संख्‍या में लोगों का विस्‍थापन कभी नहीं हुआ था। यह संख्‍या तकरीबन 1.45 करोड़ थी। 1951 की विस्थापित जनगणना के अनुसार विभाजन के एकदम बाद 72,26,000 मुसलमान भारत छोड़कर पाकिस्तान गये और 72,49,000 हिन्दू और सिख पाकिस्तान छोड़कर भारत आए थे।

धर्म के नाम हुए इस विभाजन में दंगे-फसाद और मारकाट के बीच मानवता जितनी शोषित, पीड़ित, और छटपटाई उतनी किसी घटना में नहीं हुई थी। 10 हजार से ज्‍यादा महिलाओं का अपहरण किया गया, उनके साथ बलात्‍कार हुआ, जबकि सैंकड़ों बच्‍चे अनाथ हो गए, ओर कई मारे गए थे।एक अनुमान के मुताबिक विभाजन की इस रूह कंपा देने वाली और मानवजाति के इतिहास को शर्मिंदा कर देने वाली इस त्रासदी में तकरीबन 20 लाख से ज्‍यादा लोग मारे गए थे। विभाजन का यह काला अध्‍याय आज भी इतिहास के चेहरे पर विस्‍थापित हुए, भगाए गए, मारे गए, भटक कर मौत को गले लगाने वाली मनुष्‍यता के खूने के छींटों से भरा है। इतिहास गवाह है, सियासत ने अपने ख्‍वाबों को तो पूरा किया, लेकिन धर्म के नाम पर, जाति के नाम भोली-भाले इंसानों को हिंदू और मुसलमानों में बांटकर। सियासतदान तो चले गए, लेकिन जनता के दिलों में, पीढ़ियों के दिलों में खूनी विभाजन और विस्‍थापन यह दर्द आज भी आधी रात को रह-रहकर उठता है..!

आज संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित कर दिया है वही आज जब सारे मुल्क पाकिस्तान के खिलाफ है ओर वही दूसरी तरफ सारे देश प्रधानमंत्री मोदी जी के साथ आतंकवाद के खिलाफ खड़े है, हर अंतराष्ट्रीय सम्मेलनो से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का बायकाट किया जाने लगा है, प्रधानमंत्री मोदी जी ने अपने आपको एक अंतराष्ट्रीय नेता के तौर पर स्थापित करने मे कोई कसर नही छोड़ी है ।

तीन साल मे हिन्दुस्तान का एक नेता देश का नायक बन गया, तीन साल मे एक नायक देश का स्टाइल आइकन बन गया, देश का ऐसा नेता जिसे पिछले तीन वर्षो मे  दुनिया ने ग्लोबल लीड़र के तौर पर देखा, तीन साल पहले ऐसी जादुई शख्सियत के हाथो मे देश की कमान आई जिससे दोस्ती करने के लिए सात समन्दर पार के राष्ट्राध्यक्ष भी बेकरार दिखे वही नवाज शरीफ पिछले कुछ सालो मे आतंकवाद के पोस्टर बाय के तौर पर उभर कर  सामने आए , मुम्बई 1993 बम धमाके का आरोपी दाउद आज पाकिस्तान मे छिपा हुआ है लेकिन पाकिस्तान उस पर कोई कारवाई नही कर रहा।

जबकि दाउद को एक अंतराष्ट्रीय आतंकवादी भी घोषित किया जा चुका है लेकिन नवाज शरीफ अंतराष्ट्रीय संबंधो को दाव पर लगाकर आतंकवादियो को संरक्षण दे रहे है उनको ट्रेनिंग देने के लिए ट्रेनिंग सेंटर भी चलाए जा रहे है ! जिस कश्मीर की पाकिस्तान  मांग कर रहा है  उस कश्मीर के बारे मे  इतिहास के पन्नो मे जिक्र आता है कि भारत पाकिस्तान विभाजन के समय हैदराबाद के साथ कश्मीर ने भी पाकिस्तान मे विलय होने से इंकार कर दिया था, यदि आज नवाज शरीफ ने कश्मीर ओर आतंकवाद को लेकर अपना रवैया नही बदला  तो वह दिन दूर नही जब अंतरराष्ट्रीय नक्शे पर से पाकिस्तान का वजूद ही मिट जाएगा।

Picture Credit DNA India


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About Sameer Chaudhary 12 Articles
MBA in HR. I worked for 3 yrs in financial Industry and finally decided to follow my dream which is writing. My passion is writing, exploring the world and to get different experiences by meeting people. My philosophy about life is that " You are the only master of life. So you decide what you want to do don't compel other to decide." Life is to live.....